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Showing posts from September, 2020

आजादी के मतवाले शहीद भगत सिंह की जयंती आज, कृतज्ञ राष्ट्र कर रहा है उन्हें याद

आजादी के मतवाले शहीद भगत सिंह की जयंती आज, कृतज्ञ राष्ट्र कर रहा है उन्हें याद पूरा देश आज क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती मना रहा है। देश में क्रांति लाने के मजबूत इरादों से अंग्रेजों के शासन को झकझोर कर रख देने वाले क्रांतिकारी नौजवान को आज एक कृतज्ञ राष्ट्र याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अन्य बड़े राजनेताओं, राजनीतिक दलों और मशहूर हस्तियों ने भगत सिंह को उनकी जयंती पर याद किया और अपनी श्रद्धांजलि दी है।  भगत सिंह का सफर भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था। यह स्थान पर पाकिस्तान का हिस्सा है। हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे। अपने घर में क्रांतिकारियों की मौजूदगी से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सि...